Saturday, October 17, 2015

प्रेम

<p>किसी गांव में दो भाई रहते थे। बडे की शादी हो गई थी। उसके दो बच्चे भी थे। लेकिन<br>
छोटा भाई अभी कुंवारा था। दोनों साझा <br>
खेती करते थे। एक बार उनके खेत में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई। दोनों ने मिलकर<br>
फसल काटी और गेहूं तैयार किया। इसके बाद <br>
दोनों ने आधा-आधा गेहूं बांट लिया। अब उन्हें <br>
ढोकर घर ले जाना बचा था। रात हो गई थी,<br>
इसलिए यह काम अगले दिन ही हो पाता। <br>
रात में नों को फसल की रखवाली के<br>
लिए खलिहान पर ही रुकना था। दोनों को भूख <br>
भी लगी थी। दोनों ने बारी-बारी से खाने<br>
की सोची। <br>
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पहले बड़ा भाई खाना खाने घर चला गया। <br>
छोटा भाई खलिहान पर ही रुक गया। <br>
वह सोचने लगा- भैया की शादी हो गई है, <br>
उनका परिवार है, इसलिए उन्हें ज्यादा अनाज <br>
की जरूरत होगी। यह सोचकर उसने अपने <br>
ढेर से कई टोकरी गेहूं निकालकर बड़े भाई<br>
वाले ढेर में मिला दिया। बड़ा भाई थोड़ी देर <br>
में खाना खाकर लौटा। उसके बाद छोटा भाई <br>
खाना खाने घर चला गया। बड़ा भाई सोचने <br>
लगा - मेरा तो परिवार है, बच्चे हैं, वे मेरा ध्यान <br>
रख सकते हैं। लेकिन मेरा छोटा भाई तो एकदम अकेला है, इसे देखने वाला कोई नहीं है। इसे मुझसे ज्यादा गेहूं की जरूरत है। <br>
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उसने अपने ढेर से उठाकर कई टोकरी गेहूं छोटे <br>
भाई वाले गेहूं के ढेर में मिला दिया! इस तरह <br>
दोनों के गेहूं की कुल मात्रा में कोई कमी नहीं <br>
आई। हां, दोनों के आपसी प्रेम और भाईचारे <br>
में थोड़ी और वृद्धि जरूर हो गई।</p>